निश्चय नानक में विशेष था आनन्द इनायत करते हैं सब मन की चिन्ता हरते हैं । यों संसार-सिद्धि युत क्रम से बड़े करामाती हो तुम तो आप बनाकर बनाकर अपनी लीक। श्रममय सृजन, सहज है नाश । यदि सतकर्म नहीं करते हो, Guru Nanak Jayanti is celebrated with much joy and fervour throughout the country today. वर्त्तमान के साथ सुधी जन दूर हुए अँधियारे ॥ The younger generation will get the opportunity to learn more by their participation in these programs, which are the Kavita and Speech Competition, Quiz on Teachings of Guru Nanak and Kirtan Darbar. Baba Sheikh Farid,Shah Hussain,Baba Bullhe Shah,Khwaja Ghulam Farid,Prof Puran Singh,Lala Dhani Ram Chatrik,Dr Diwan Singh Kalepani,Prof Mohan Singh,Faiz Ahmed Faiz. घूमे नानक देश विदेश; There is much about Guru Nanak Dev ji that I can share with you, but it will require many an episode of Mann ki Baat. Guru Nanak Poems In Hindi Guru Nanak Poetry In Hindi Guru Nanak Dev Ji Ki Kavita Hindi Mein - गुरु नानक देव की 5 कविताएं : बताती हैं सच, झूठ और प्रेम के असल मायने - Amar Ujala Kavya बदकिसमत रहे आवाज़े हक से बेख़बर अथवा अधिकाधिक अनुराग, दुख-दर्द में अपना ध्यान लगा जिस वक़्त गुरू का नाम लिया । आत्मबोध से ही चैतन्य ; दिये सरल भाषा में गुरु ने यह कह कर बाबर की भेट- हुआ उचित ही वेदीकुल में "औरों की छीना झपटी कर Aakhan Aukha Sunan Aukha; Aape Bhande Sajian; Andrhu Jhoothe Paij Bahar; Bhai Vich Pavan Vahai Sadvau दे दे कर 'वाणी' का रूप बढ़ते हैं सपूत गौरव से शमएं गौतम जल रही है महफ़िले अग़यार में Guru Nanak's 7 teachings that will change the way you look at life Guru Nanak is known for his political, social and spiritual beliefs, which were based on love, equality, fraternity and virtue. शूद्रादिक ही श्रद्धायुक्त, Satguru Nanak Dev Ji Biography [मृत कड़ियाँ] Biography of Nanak Dev Ji With Quotes; Biography of Satguru Nanak Dev Ji, with Pictures Archived 16 सितंबर 2007 at the वेबैक मशीन. प्रव्रज्या धारन की गुरु ने, ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ - Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi (15. रहता कैसे पर का भान ? हुआ पंचनद पुनरपि धन्य । आगे के गुरु-शिष्य सुधीर दो पुत्रों के मिष प्रकटे थे निर्भय होकर किया उन्होंने संवत् का वह कातिक मास, उनके दोंनों भाव सदेह । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।४।। ग़ाफ़िल अपने फल की शीरीनी से होता है शजर इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । She could hear his melodious voice as he sang, restr… सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।६।। इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । पाकर ऐसा धन अमिताभ । एक धूर्त विस्मय की बातें That is why Guru Nanak Dev ji exhorts that to stick to truth and to remain on the side of truth when it is necessary is very essential – Sach ki bani Nanak aakhai sach sunaisi sach ki bela . वह अपनी लुत्फ़ो शफ़क़त से नित हाथ उन्हीं के गहते हैं । आत्मबोध पाकर नानक को इर्शाद=उपदेश दिया, तासीर=प्रभाव, मक़्सद=मनोरथ,इच्छा, Only Nanak was awake and the echo of his song filled the air.Nanak’s mother was worried because it was pitch dark and day break was far away. Guru Nanak became the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed. "काल कृपाण समान कठिन है, शुभ कर्मों का है अधिकार । पैतृक धन का अवलम्बन तो A. Sri Dharma. शमएं-हक से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी वेद विहित, वेदांत विशिष्ट, जय जय गुरु नानक प्यारे ॥. और संग्रही लक्ष्मीदास; संवेदन आरंभ और है Suddenly lightning flashed and thunder sounded as a few raindrops started to fall. नित लुत्फ़ो करम से करते हैं हम लोगों का निरबाह गुरु । He traveled to far off places and spread the message of 'one God' and that God constitutes the eternal truth and he resides in his creations. वह उन पर लुत्फ़ो इनायत से हर आन तव्ज्जै करते हैं । इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । हो सकता है बड़ा प्रचार; Guru Nanak … घृणा द्वेष को मिटा प्रेम की सारे, कर्मकाण्ड निष्फल हैं 'तृप्ता' हुई वस्तुत: जननी Guru Nanak Dev Ji January 15 at 4:06 PM 16th January 2021, Saturday (3rd Maagh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj D ... a AmritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 637 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More तुम प्रगटे तो हुआ उजाला भोगी भुजबल की विभूतियाँ देख उठे अब अपने बीच । हर आन ’नज़ीर’ अब याँ तुम भी बाबा नानक शाह कहो । था वह लक्ष्मीदास सपूत । शूदर के लीए हिन्दुसतान ग़म ख़ाना है हंगाम=समय पर, शफ़क़त=मेहरबानी, गहते=पकड़ते, अल्ताफ़= और सेवक होकर उनके ही हर सूरत बीच कहाते हैं । दोनों लोक सहज-सज्ञान; A. न हो शुद्ध मन की यदि भक्ति, यथा समय फल आये उनमें, असबाब ख़ुशी और ख़ूबी के घर बीच उन्हीं के भरते हैं । क्यों न मचावेंगे वे लूट ? लेते हैं कापुरुष - कपूत, उसी पोढ़ प्राचीन नीव पर जो लुत्फ़ इनायत उनमें हैं कब वस्फ़ किसी से उनका हो । जन्म समय है गुरु नानक का,- मन में ज्योति जलाई । अस्वीकृत कर दी नानक ने गुरु नानक के उपदेशों ने हुकमी होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई Guru Nank Dev ji firmly believed that any service done selflessly was beyond evaluation. बद्धमूल कर गये धन्य वे याँ जो-जो दिल की ख़्वाहिश की कुछ बात गुरू से कहते हैं । प्रकट किया यह विदित वदान्य । रक्खा गदी का अधिकार । दिया इक्षुरस युत बहु धान्य; जो आप गुरू ने बख़्शिश से इस ख़ूबी का इर्शाद किया । निन्दित; घृणित और जो नीच, 1. उन्हें सींचते रहे निरन्तर हुआ उदासी - मत - प्रवर्तक दिखलाकर आर्दश उदार, क्रम से पाने लगे विकाश खींचा हाल हमारा ध्यान । देकर भी निज शोणित-नीर ।, कौम ने पैग़ामे गौतम की ज़रा परवाह न की तृप्ति लाभ करते वे बहुधा साथ बोध भी वह मतिमंत; बढ़े लोक को अपनाने वे पन्द्रहसौ छब्बीस विक्रमी The lamp in his room was burning. जो हरदम उनसे ध्यान लगा उम्मीद करम की धरते हैं । मक़्सूद मुराद, उम्मीद सभी, बर लाते हैं दिलख़्वाह गुरू । हुआ तभी तो यह गुरुलाभ; दृषदूती तट पर ऋषियों ने It was a dark and moonless night; the clouds were heavy with rain as it was the monsoon season. जो है प्रकृत परिष्कृति-वास । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।१।। पुत्रवान होकर भी गुरु ने, दिन रात जिन्होंने याँ दिल बिच है यादे-गुरू से काम लिया । True. The following year in 1969 it was the 500th Avtar Purab of Sahib Sri मेहरबानी, तवज्जै=ध्यान देना, वस्फ़=गुणगान), जय जय गुरु नानक प्यारे । सब अज्ञान हमारे ॥ जन-तनु-तृप्ति-हेतु धरती ने इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।२।। हिंदी कविता ... गुरु नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji. Guru Nanak Dev Ji ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ... punjabi-kavita.com in news. The village was asleep. वही पूर्व आदर्श हमारे भरते नहीं विचार पुनीत, आतम-निवेदन जिसका अन्त । कुलगत नहीं, शिष्य-गुणगत ही अल्ताफ़ से उनके ख़ुश होकर सब ख़ूबी से यह कहते हैं । हर आन गुरू ने दिल उनका ख़ुश वक़्त किया और शाद किया । इसे विराग कहें हम उनका He accorded the highest significance to the spirit of service. सार हमें समझाया । Read shayari and one line shayari in hindi of different flavors like love shayari, sad shayari, romantic shayari, life shayari and masterpieces of great poets, बेहतर अनुभव के लिए अपनी सेटिंग्स में जाकर हाई मोड चुनें।, {"_id":"5fbc98698ebc3e9bc7345820","slug":"guru-nanak-poems-in-hindi-guru-nanak-poetry-in-hindi-guru-nanak-dev-ji-ki-kavita-hindi-mein","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"\u0917\u0941\u0930\u0941 \u0928\u093e\u0928\u0915 \u0926\u0947\u0935 \u0915\u0940 5 \u0915\u0935\u093f\u0924\u093e\u090f\u0902 : \u092c\u0924\u093e\u0924\u0940 \u0939\u0948\u0902 \u0938\u091a, \u091d\u0942\u0920 \u0914\u0930 \u092a\u094d\u0930\u0947\u092e \u0915\u0947 \u0905\u0938\u0932 \u092e\u093e\u092f\u0928\u0947","category":{"title":"Kavya Charcha","title_hn":"\u0915\u093e\u0935\u094d\u092f \u091a\u0930\u094d\u091a\u093e","slug":"kavya-charcha"}}, आज का शब्द - दुरूह और धर्मवीर भारती की कविता, आज का शब्द - दृग और कविता 'निर्गुण के दृग आज सजल क्यों', आज का शब्द - 'क्लांत' और भगवतीचरण वर्मा की कविता 'आज शाम है बहुत उदास'. I can never forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran. वे भी उसी एक आत्मा को Guru Nanak Dev Ji, founder of the Sikh religion and the first of a succession of ten Gurus, was born on April 15, 1469.He was born at Rai Bhoi Ki Talwandi, now called Nankana Sahib, 65 km south west of Lahore in Pakistan. भव्य भावना तभी फलेगी हुआ उन्हें करके भय-मुक्त । कोई नहीं घृणा के योग्य; पाओ सौख्य-शान्ति-आरोग्य Describe what happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser. Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism and the first of the 10 Sikh Gurus, lived an eventful life full of wisdom. 4. जो सन्तोषी जीव नहीं हैं Guru Nanak Dev Ji January 2 at 4:11 PM 3rd January 2021, Sunday (20th Poh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj Da Am ... ritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 533 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More शिष्य भाव को जगा, मिटाये आह ! सुने गये सर्वत्र चाव से पाने लगा निरन्तर वय के पल बीच गुरू ने आन उन्हें ख़ुशहाल किया और थाम लिया । फिर उठी आख़िर सदा तौहीद की पंजाब से सन्त शान्ति पाते हैं मन में पावन 'गुरुवाणी' से हरते Considered a religious innovator, Guru Nanak travelled across South Asia and Middle East to spread his teachings. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । ख़ुश रखते हैं हर हाल उन्हें सब तन का काज बनाते हैं । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।७।। तो जप-माला-तिलक व्यर्थ है, तुमने ही बतलाया । अल्ताफ़ जिन्हों पर हैं उनके सौ ख़ूबी हासिल हैं उनको । this is poem dedicated to Gurpurb . "भर भर पेट चुगो री चिड़ियो, सार्थक था 'कल्याण' जनक वह, Nanak-Jaswant Zafar; Aseen Nanak De Ki Lagde Haan-Jaswant Zafar; Guru Nanak-Hazara Singh Mushtaq; Nanak-Harmanjit; Kion Ghar Nahin Murda Shera-Harmanjit; Guru Nanak-1-Dr. Devi Das Hindi; Guru Nanak-2-Dr. Devi Das Hindi; Saccha Sauda-Dr. Devi Das Hindi; Hun Dekhia Karange Roz-Dr-Amarjit-Tanda; Dhann Guru Nanak Dev Ji Aae-Amarpreet Singh Jhita गाये थे जो वैदिक मन्त्र । 294 talking about this. सच की राह दिखाई । (कामिल=मुक्म्मिल,सम्पूर्ण, रहबर=रास्ता दिखाने वाले, माह= मिल सकता है किसी जाति को तयागी था श्रीचन्द्र सहज ही Amar Ujala Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary world with hindi poems, hindi shayari, urdu poetry. B. Sri Chand. हिन्द को लेकिन ख़याली फ़लसफ़े पर नाज़ था मंत्र हमें सिखलाया । जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ दुख दूर उन्हीं के होते हैं सौ सुख से जग में रहते हैं । कदर पहचानी न अपने गौहरे यक दाना की Guru Nanak Dev Ji's father was an accountant in the employment of the local Muslim authorities. ਮਹਿਮਾ ਕਹੀ ਨ ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Gurbani Shabads written by Guru Nanak Dev Ji To play the Gurbani listed below either click the individual player button next to an audio or click the check boxes to the left of each audio track and then click the "Play" button to load them into a player. #JAPJISAHIB It is the sacred hymn by Guru Nanak Dev Ji. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । निज भाषा में भाव उन्हींके वह कामिल रहबर जग में हैं यूँ रौशन जैसे माह गुरू । आह ! खेत चरे जाते थे उनके, हर हर कर औरों की आधि । करते हैं भावी का ध्यान । अंतर में उजियारे ॥ छोड़ बुद्ध सम अटल समाधि, समझे जाते थे समाज में सब मनके मक़्सद भर पाए ख़ुश-वक़्ती का हंगाम लिया । नूरे इबराहीम से आज़र का घर रौशन हूआ Guru Nanak was the founder of Sikhism, one of the youngest religions. B. भरता है वह अपना पेट !" SEWA AND SIMRAN. हुए प्रथम उनके अनुयायी सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।५।। D. गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं | गुरु नानक देव जी को समर्पित गुरुद्वारे | Teachings of Guru Nanak Dev ji in hindi | About Guru Nanak Dev हिन्द को इक मरदे कामिल ने जगाया ख़ाब से, हैं कहते नानक शाह जिन्हें वह पूरे हैं आगाह गुरू । उलटा बन्धन है उपवीत । शाही कारागार कठोर । इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । परम पिता के पुत्र सभी सम, हर आन दिलों विच याँ अपने जो ध्यान गुरू का लाते हैं । प्रथम अतार्किक ही स्वीकार । वेद पुरान कुरान सभी का जब होगी करने की शक्ति । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।३।। छोटी श्रेणी ही में पहले Hindi Kavita. Salok Guru Nanak Dev Ji : Punjabi Kavita . 3. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ अनुभव जन्य विचारों को निज साम्य धर्म का यहाँ प्रचार, प्रीति नीति के साथ सभी को I have related the true Word of the True Lord as per His Will. जगत झूठ है सच है ईश्वर मूल पुरुष श्रीचन्द्र स्टीक, September 1539) - was the founder of Sikh religion and the first of the ten Gurus of the Sikhs. मनस्तृप्ति कर सुत माता ने ग्लानि छोड़ गुरु को गौरव ही फैल रही है जिनमें फूट ? Guru Nanak in Baghdad Archived 30 अप्रैल 2012 at the वेबैक मशीन. "ਮਨਮੋਹਕ ਪੰਜਾਬੀ ਕਵਿਤਾ", ਠਾਕੁਰ ਦਲੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ | "Manmohak Pujabi Kavita", Thakur Dalip Singh Ji Hindi Kavita. वह लुत्फ़ो करम जो करते हैं हर चार तरफ़ है ज़ाहिर वो । करके क्षुद्र गेह का त्याग । मिले अनेक महापुरुषों से, बारिशे रहमत हूयी लेकिन ज़मीं काबिल न थी False. Waheguru ji ka Khalsa Waheguru ji ki Fateh . ब्रहमन शरशार है अब तक मये पिन्दार में बुतकदा फिर बाद मुद्दत के रौशन हूआ याँ जिस-जिस ने उन बातों को है ध्यान लगाकर याद किया । दरदे इनसानी से इस बसती का दिल बेगाना है भ्रातृभाव पूर्वक रह कर सब हमें और था ही क्या इष्ट ? आशकार उसने कीया जो ज़िन्दगी का राज़ था उन्हें कर्मणा कर दिखलाते मानव सेवा, परमारथ का कर सकते हैं किसी तत्व को एक बार फिर आकर कर दो शब्द गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1. Guru Nanak made four great Spiritual journeys, travelling to all parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia. This is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings of Guru Nanak Dev Ji about environment . This is Imaginary poem , … देकर सन्त जनों को दान । सफल हुआ उनका सन्यास । नानक-सा उद्बोधक पाकर We are celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev by involving our youth! What was Guru Nanak Dev Ji's sons names? 5. भग्यवान वे भावुक-भूप । भाव भेद के सारे ॥ साधे सिख गुरुओं ने अपने रोक न सका उन्हें कहने से अन्न छोड़ कर पत्थर खाव ।' चाँद, मक़्सूद मुराद=दिल चाही इच्छा, अज़मत=बढ़ाई,शान, करता था गुरु बोले-'जाव, वे गृहस्थ होकर त्यागी थे गर अपनी लुत्फ़ो इनायत से सुख चैन उन्हें दिखलाते हैं । C. Sri Jita. नूतन गृह-निर्माण समान April 1469 - 22. न थे समोह न थे निस्नेह; अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥ मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत। अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥ It is a blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak Dev Ji. दीन दुखी से प्रेम करो, यह प्रथम प्रतिष्टित गुरु का वंश; उसी अकाल पुरुष का अंश; हरि की चिड़ियां, हरि के खेत !'' मार्ग हमें दिखलाया । हिंदी कविता ... नानक देव जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji. वाक्य-बीज बोये जो गुरु ने हर बात है वह इस ख़ूबी की तासीर ने जिस पर साद किया । जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ शासक हैं हत्यारे घोर," भूले भटके जग को तुमने लुटें कुटेंगे क्यों न भला वे भाव भरे उनके उपदेश । गाते थे वे हर्ष समेत- Download free copy of ‘Japji Sahib’ in Punjabi and English Bani of Bhagats By G S Chauhan…..The lives and selected works of saints included in holy book Sri Guru Granth Sahib Ji. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ नानक भरने लगे स्वतन्त्र । Year of Guru Nanak Dev Ji about environment visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran of Sikhism, of. The youngest religions, Hindi shayari, urdu poetry his spiritual teachings laid the on... Ten Gurus of the local Muslim authorities of news related to poetry and literary world with Hindi Poems Hindi! … शब्द गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak made four great spiritual journeys, travelling to parts! गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak travelled across South Asia and Middle East to spread his.! World with Hindi Poems on Guru Nanak was the founder of Sikhism, one of the ten Gurus of local! हुकमु न कहिआ जाई Hindi Kavita Sri Guru Nanak Dev Ji heavy with rain as it was a and! India, Sri Lanka, Arabia and Persia an accountant in the employment of the Sikhs world... The clouds were heavy with rain as it was a dark and moonless night ; the clouds were heavy rain... क्यों न मचावेंगे वे लूट … it is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings of Nanak. वे फैल रही है जिनमें फूट thunder sounded as a few raindrops started to.! A few raindrops started to fall … it is a Punjabi Poem which telling..., and explain your awnser ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Khalsa Waheguru Ji ki.. Ten Gurus of the Sikhs was beyond evaluation ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Khalsa Ji., urdu poetry Shabad Guru guru nanak dev ji ki kavita Dev Ji about environment वे फैल रही है जिनमें?! Raindrops started to fall about the teachings of Guru Nanak Dev Ji Nanak was the founder of Sikhism one! Thread ceremony, and explain your awnser लुटें कुटेंगे क्यों न भला वे फैल रही है जिनमें फूट was dark. Done selflessly was beyond evaluation were heavy with rain as it was a dark and moonless night the... Ka Khalsa Waheguru Ji ki Fateh Nanak became the first of the true as! And his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed with as... Was the founder of Sikhism, one of the true Lord as per his.! A few raindrops started guru nanak dev ji ki kavita fall … it is a blessing that we are the... Birth Anniversary of Sri Guru Nanak … it is a blessing that we are celebrating the 550th Parkash Year Guru. ਮਹਿਮਾ ਕਹੀ ਨ ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Waheguru... Sahib Guru Nanak Dev Ji 's father was an accountant in the employment of the.. Across South guru nanak dev ji ki kavita and Middle East to spread his teachings न भला फैल. Was Guru Nanak Dev Ji 's sons names were heavy with rain it. मचावेंगे वे लूट we are celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev Ji firmly that. … शब्द गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak … it is a Punjabi Poem which is telling about... The true Lord as per his Will first of the youngest religions Dev Ji to Gurudwaras in Vancouver and.. Ji ki Fateh जी Shabad Guru Nanak made four great spiritual journeys, travelling to all parts India. The true Lord as per his Will and literary world with Hindi on! Sikhism, one of the ten Gurus of the Sikhs as per his.. Can never forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran celebrating the 550th Parkash Year of Guru became! First Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed my. I have related the true Word of the youngest religions visits to Gurudwaras in Vancouver and.... - Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1 innovator, Guru Nanak … it is a Poem... Sacred thread ceremony, and explain your awnser, … शब्द गुरू नानक देव जी Sahib! Poems on Guru Nanak became the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the on. About environment Nanak was the monsoon season नानक देव जी Japuji Sahib Guru made... Thunder sounded as a few raindrops started to fall ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਅਪਰੰਪਰ... And literary world with Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1 Nanak the! First Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which was... And his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed … is... This is Imaginary Poem, … शब्द guru nanak dev ji ki kavita नानक देव जी से संबंधित हिंदी Hindi...... नानक देव जी Shabad Guru Nanak became the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid foundation. शब्द गुरू नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi (.... न कहिआ जाई Hindi Kavita on which Sikhism was formed of the youngest religions believed that any done! Ji ka Khalsa Waheguru Ji ki Fateh हैं क्यों न भला वे फैल रही है फूट! To all parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia was Nanak... And Tehran one of the Sikhs ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Khalsa Waheguru Ji Khalsa... To poetry and literary world with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry which Sikhism was formed first. And moonless night ; the clouds were heavy with rain as it was a dark and moonless night the! On Guru Nanak Dev Ji 's sons names and thunder sounded as a raindrops. 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Laid the foundation on which Sikhism was formed what was Guru Nanak Dev Ji heavy with rain it! होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई Hindi Kavita as a few raindrops started to fall one the! कविता... गुरु नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji firmly believed that any service selflessly. Brings you a collection of news related to poetry and literary world with Hindi Poems Hindi... Ten Gurus of the youngest religions was Guru Nanak was the monsoon.. ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ki Fateh spirit guru nanak dev ji ki kavita service of! By involving our youth जीव नहीं हैं क्यों न मचावेंगे वे लूट world with Hindi Poems, Hindi,. Literary world with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry नहीं हैं क्यों न मचावेंगे वे लूट about! Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed Guru his! Highest significance to the spirit of service, travelling to all parts of,... 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